रविवार, सितंबर 04, 2016

डिजिटल बैंकिंग part 1

डिजिटल बैंकिंग जानने के पहले ये जानना जरूरी है कि डिजिटल का मतलब क्या है ? यह प्रश्न सभी के मन में चल रहा है। यदि आप इसका मीनिंग नहीं जानते हैं तो आज इस लेख  को जरूर पढ़िए। 

आजकल डिजिटल युग चल रहा है। आखिर ये डिजिटल क्या बला  है जो हम पड़े लिखे लोगों को भी मूक/ बना देता है। इसका अनुलोम बिलोम क्या है।  इसको जानने के लिए इसकी ए बी सी डी क्या है ये जानना भी जरुरी है ।
डिजिट  मतलब तो सभी जानते होंगे।  १ (एक )  से लेकर ९ (नौ ) तक एवं ० (शून्य ) को हम अंक कहते हैं जिसे अंग्रेजी में डिजिट कहा जाता है। अंग्रेजी में २६ अल्फाबेट होते हैं।
आज के सन्दर्भ में डिजिटल शब्द एक नए अर्थ वाला शब्द है। इसका विलोम एनालॉग है

जब हम कोई अंग्रेजी भाषा की टाइपिंग टाइपराइटर पर करते हैं तो मूलतः अल्फाबेट , डिजिट या स्पेशल कैरेक्टर  में करते हैं. इसे एनालॉग टाइपिंग समझ लिया जाये। आपको यदि केवल दो डिजिट दिया जाये जैसे ० (शून्य) एवं  १ (एक ) और कहा जाये कि एक अंग्रेजी का पैसेज टाइप करना है जिसमे अल्फाबेट, डिजिट और स्पेशल कैरेक्टर सभी है तो आप इस कार्य को कैसे करेंगे। शायद आप नहीं कर पाएंगे।  परंतु यदि आपको कहा जाये की आपको ये करना ही है  तो आप इसे कर लेंगे इसे कोड बना कर. जैसे 01 कोआप ए मान  लें ००१ को बी इसी प्रकार  1000010 को जेड  मान  लें एवं सभी डिजिट्स एवं स्पेशल कैरेक्टर को भी कोड में पहचान करा दें. कोड में लिखें एवम  डिकोड कर दें तो ये काम संभव है. आप  सकते हैं कि हमने डिजिटल लैंग्वेज बना लिया है।

वेट फॉर नेक्स्ट पार्ट 

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